Akbar Birbal Ke Chutkule in Hindi: अकबर बीरबल के चुटकुले

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Akbar Birbal Ke Chutkule in Hindi : दोस्तों हंसना सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं. अगर आप अकेले बैठे-बैठे बोर हो रहे हैं तो नीचे दिए गए अकबर बीरबल के प्रसिद्ध चुटकुले को पढ़कर थोड़ा हंसें तथा मुस्कुराये और अपनी सेहत बनाएं.

Akbar Birbal Ke Chutkule in Hindi

मित्रों, Akbar Birbal Ke Chutkule Hindi के कलेक्शन में आज हम सिर्फ आपके लिए हँसी से लोट-पोट कराने वाले चुटकुले लेकर आये हैं. दोस्तों अकबर बीरबल (akbar birbal) के मध्य हमेशा मज़कियाँ बातें होती रहती थी तथा दोंनो बड़े ही अदब से एक-दूसरे की टांग खिंचाई किया करते थे. इस Akbar Birbal Jokes In Hindi के पोस्ट में दोनों के मध्य हास्य-विनोद पूर्ण वार्ता का वर्णन है.

मित्रो चुटकुले (Jokes in Hindi) एक ऐसी चीज़ है, जो सदियों से लोगो को हंसने और हंसाने के काम आती है। मनुष्य को हमेशा से ही मजेदार चुटकुले (Majedar Chutkule in Hindi) पढ़ने तथा सुनने में आनंद आता रहा है। और जब बात चुटकुलों की होती है तो इन्हीं में से एक हैं अकबर बीरबल के चुटकुले, पति-पत्नी जोक्स (Husband Wife Jokes in Hindi) की तरह ही लोगों को अक्सर अकबर बीरबल के चुटकुले पढ़ने तथा सुनने में हमेशा से मज़ा आता रहा है। हम यहां पर सिर्फ आपके लिए एक से बढ़कर एक अकबर बीरबल जोक्स लेकर आये हैं जिन्हे आप दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते है तो फिर आइये बिना देर किये पढ़ना शुरू करते है।

Akbar Birbal Ke Chutkule in Hindi

अकबर : बीरबल, हम अनारकली को क्यों नहीं दूंढ पा रहे हैं?

बीरबल : क्योंकि आप मुग़ल है, गूगल नहीं!!

अकबर बीरबल से– बताओ मैं किस दिन मरूंगा?

बीरबल– छुट्टी वाले दिन

अकबर- वो कैसे?

बारबल– आप जिस दिन मरेंगे उस दिन सारी प्रजा छुट्टी मनाएगी।

एक बार बादशाह ने सवाल किया,
“पंडित प्यासा क्यों और गधा उदास क्यों ?”
बीरबल ने फ़ौरन जवाब दिया, “लोटा न था”
“आलमपनाह, पंडित के पास लोटा न होने से वह प्यासा रह गया
और गधा न लोटे उदास रहा “
बादशाह दो सवालों का एक जवाब सुनकर बहुत खुश हुए

अकबर ने बीरबल से तीन नए सवाल पूछे

और कहा तीनों का जवाब एक होना चाहिए,

पहला सवाल- दूध क्यों उफन जाता है?

दूसरा सवाल- पानी क्यों बह जाता है?

तीसरा सवाल- सब्जी क्यों जल जाती है?

बीरबल ने जवाब दिया-

व्हाट्सएप चालू होने की वजह से…

एक बार राजदरबार में बैठे बादशाह अकबर ने कागज पर पैंसिल से एक लंबी लकीर खींची।
फिर बीरबल को अपने पास बुलाया और कहा- कुछ ऐसा करो कि न तो यह लकीर घटाई जाए और न ही मिटाई जाए लेकिन छोटी हो जाए?
‍बीरबल ने फौरन बादशाह के हुक्म की तामिल की और उस लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पहली से बड़ी खींच दी।
बीरबल ने कहा- अब आपकी लकीर मेरी लकीर से छोटी हो गई।

अकबर- बीरबल मुझे बताओ, अपने स्टाफ में सबसे
ज्यादा काम करने वाले को कैसे पहचानोगे ??
बीरबल – महाराज मैं सबको बुला लेता हूं ,फिर बताता हूं…
बीरबल सबको बुलाता है और एक का हाथ पकड़ के
कहता है – महाराज यही है वो !
अकबर – तुमने कैसे पहचाना इसको ??
बीरबल – महाराज ! मैंने इसका मोबाइल चेक किया है अभी
इसके मोबाइल कि बैटरी 98 % है…

एक दिन अकबर और बीरबल हमेशा की तरह नगर भ्रमण पर निकले. रास्ते में अकबर को एक कुत्ता बासी और जली हुई रोटी खाते हुए दिखाई दिया. यह देख अकबर ने बीरबल का मजाक उड़ाते हुए कहा, “देखो तो, कुत्ता कैसे काली को खा रहा है.” यहाँ अकबर का इशारा जली-काली रोटी की तरफ़ नहीं था, बल्कि बीरबल की माँ की तरफ़ था, जिनका नाम ‘काली’ था.

बीरबल को ये बात कुछ चुभी, इसलिए वो भी चुप नहीं रहा और बोला, “अरे हुज़ूर! उसके लिए तो वही नियामत है.”

‘नियामत’ अकबर की माँ का नाम था. बीरबल का दो टूक जवाब सुनकर अकबर की बोलती फिर बंद हो गई.

एक बार अकबर-बीरबल कुछ जरूरी बात कर रहे थे,
तभी बीरबल को छींक आ गई ,
अकबर ने कहा- बीरबल बहुत बड़े बेहूदे इंसान हो…
बीरबल- हुजूर, आपसे बड़ा कभी न हो सकूंगा

एक दिन अकबर बहुत ख़ुश था. उन्होंने जेल में कैद सभी कैदियों को रिहा करने का आदेश दे दिया.

जेल से सारे कैदी आज़ाद कर दिए गए. उन कैदियों में एक बूढ़ा कैदी भी थी.

अकबर ने पूछा, “तुम बड़े बुजुर्ग लग रहे हो. कब से कैद में हो?”

बूढ़े ने जवाब दिया, “हुज़ूर, मैं आपके पिता के समय से कैद हूँ.”

“इसे फिर से बंद कर दो. ये हमारे अब्बा हुज़ूर की आख़िरी निशानी है.” अकबर बोला.

Akbar Birbal Ke Chutkule Kahani

Akbar Birbal Ke Chutkule Hindi

एक बार अकबर बीरबल से बोला –

वादा करो बीरबल, कि तेरी शादी होगी तो

तेरी बीबी को पहले kiss मैं करूँगा !!

बीरबल :- बिल्कुल हुजूर, पर मेरी भी एक शर्त है !!

अकबर :- बोलो क्या शर्त है ??

बीरबल :- मैं शादी आपकी बहन से ही करूँगा !!

( अकबर निरुत्तर,खामोश )

एक दिन अकबर बादशाह ने बीरबल से चार प्रश्न किये
और कहा, इनका एक ही उत्तर दो
बादशाह के चार सवाल थे
पान क्यों सड़ा, घोडा क्यों अड़ा, रोटी क्यों जली और पाठ क्यों भुला
बीरबल ने कुछ क्षण सोचा और फिर उत्तर दिया,
“फेरा न गया“

एक बार मुगल सैनिकों ने संता को रात में महल के पास फालतू भटकते हुए देख पकड़ लिया. वे उसे पकड़कर बादशाह अकबर के सामने ले गए.

अकबर : कौन हो तुम?

संता : हुज़ूर! मैं संता हूँ.

अकबर : इतनी रात को महल के आस-पास क्या कर रहे हो?

संता : वो हुज़ूर…मैं तो….यूं ही…..

अकबर : सैनिकों इसे बंदी बना दिया जाये.

संता : नहीं हुज़ूर! रहम करें! मुझे बंदी मत बनाइये. मुझे बंदा ही रहने दीजिये.

एक दिन बादशाह अकबर ने कागज पर पैन्सिल से एक लंबी लकीर खींची
…और बीरबल को बुला कर कहा-
बीरबल कुछ ऐसा करो कि न तो यह लकीर घटाई जाए और न ही मिटाई जाए,
लेकिन छोटी हो जाए?
बीरबल ने फौरन उस लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पहली से बड़ी खींच दी,
बीरबल बोले- अब आप की लकीर इससे छोटी हो गई…

अकबर ने बीरबल से कहा – इस दीवार पर कुछ ऐसा लिखो कि ख़ुशी में पढूं, तो दुःख हो और दुःख में पढूं, तो ख़ुशी हो.

बीरबल ने दीवार पर लिखा – ये वक़्त गुजर जायेगा.

अकबर– कितनी बुरी बात है बीरबल कि तुम अपनी बीवी से मार खाकर भी मुस्कुरा रहे हो ?

बीरबल– महाराज आप ही तो कहते हैं कि मुसीबत का सामना हंस कर करना चाहिए।

Akbar Badshah Birbal Ke Chutkule

अकबर- बीरबल मुझे बताओ, अपने स्टाफ में सबसे

ज्यादा काम करने वाले को कैसे पहचानोगे ??

बीरबल – महाराज मैं सबको बुला लेता हूं ,फिर बताता हूं…

बीरबल सबको बुलाता है और एक का हाथ पकड़ के

कहता है – महाराज यही है वो !

अकबर – तुमने कैसे पहचाना इसको ??

बीरबल – महाराज ! मैंने इसका मोबाइल चेक किया है अभी

इसके मोबाइल कि बैटरी 98 % है…

एक बार अकबर और बीरबल दावत पर गए. वहाँ उन्हें बैंगन की सब्जी परोसी गई. अकबर ने बैंगन की सब्जी खाकर कहा, “वाह! कितनी स्वादिष्ट सब्जी है.”

बीरबल भी बैंगन की सब्जी के तारीफ़ों के पुल बांधने लगे.

कुछ दिनों बाद अकबर और बीरबल एक दूसरी दावत पर गए. वहाँ भी उन्हें बैंगन की सब्जी परोसी गई, जिसे देख अकबर नाक-भौं सिकोड़ने लगे. तब बीरबल ने बैंगन की सब्जी की जमकर बुराई की.

यह देख अकबर ने कहा, “बीरबल! तुम तो बड़े चापलूस निकले.”

“जहाँपनाह! मैं आपका नौकर हूँ. बैंगन का नहीं.” बीरबल ने तपाक से उत्तर दिया.

अकबर- बीरबल मैं बड़ी कश्मकश में हूं…
बीरबल- क्या महाराज?
अकबर- शरीर कहता है व्यायाम छोड़ दूं,
आत्मा को जलेबी और समोसे पसंद है, क्या करूं ?
बीरबल- शरीर तो नश्वर है,आत्मा की बात मानिए…

अकबर- बीरबल मैं बड़ी कश्मकश में हूं…

बीरबल- क्या महाराज?

अकबर- शरीर कहता है व्यायाम छोड़ दूं,

आत्मा को जलेबी और समोसे पसंद है, क्या करूं ?

बीरबल- शरीर तो नश्वर है,आत्मा की बात मानिए…

Akbar Birbal Ke Chutkule

रोज़े के दौरान एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल! कोई ऐसा तरीका बताओ कि मैं खाऊँ-पियूं भी और मेरा रोज़ा भी ना टूटे.

बीरबल ने कहा, “हुज़ूर! आप लोगों के लात-घूंसे खाइये और अपना गुस्सा पी लीजिये. आपका सब कुछ टूटेगा, किंतु रोज़ा नहीं.”

अकबर ये सोचते रह गए कि उन्होंने बीरबल से ये सवाल पूछा ही क्यों.

अकबर समाचार पत्र पढ़ते हुए – बीरबल इस लेखक का शीर्षक भी विचित्र है “स्त्रियों की बातचीत”

बीरबल– इसमें आश्चर्य क्या है ?

अकबर– आश्चर्य की बात ये है कि ये लेख केवल आधे पेज का है।

सभा के बाद अकबर बीरबल पर बरस पड़ा – तुमने मुझे इतना लम्बा भाषण क्यों लिखकर दिया।

बीरबल ने माफ़ी मांगते हुए कहा – जहांपना भाषण तो इतना लम्बा नहीं था हां इतनी गलती मुझसे जरुर हुई है कि मैंने भाषण की चारों कॉपी आपके हाथ में थमा दी थी।

एक बार पप्पू को अकबर के सैनिकों ने पकड़ लिया और दरबार में लेके गये…
अकबर- कौन हो तुम??
पप्पू- महाराज मैं पप्पू हूं…
अकबर- इतनी रात को हमारे महल में क्या कर रहे थे??
पप्पू- कुछ नहीं महाराज (घबराते हुए)
अकबर- सैनिकों, इसे ले जाओ और बंदी बना दो…
पप्पू- महाराज रहम करो, मुझे बंदी मत बनाओ मुझे बंदा ही रहने दो।

Akbar Birbal Ke Chutkule Hindi Mein

एक दिन एक मुखबिर ने बादशाह को बताया कि

” सरकार बिलकुल आपकी शक्ल का एक धोबी

आपके नगर में रहता है “—

बादशाह ने आदेश दिया कि

उसे दरबार में पेश किया जाये —

धोबी दरबार में हाजिर हुआ —

बादशाह धोबी को देखकर मुस्कुराया और पूछा —

“ क्या पहले कभी तुम्हारी माँ इस दरबार में काम करती थी —??”

धोबी :- नहीं सरकार —अब्बा हुजूर करते थे —-!!

“दरबार में सन्नाटा “

चीकू- अरे ये लोग बार-बार बॉल को लात क्यों मार रहे हैं?
मीकू- अरे वे सभी गोल कर रहे हैं .
चीकू- बॉल तो पहले से गोल है और कितना गोल करेंगे…

अकबर ने बीरबल से कहा – क्या बात है आजकल तुम्हारी पत्नी चुप रहती है

बारबल– दरअसल एक दिन जब हम दोनों फोटो खिंचवा रहे थे तो फोटोग्राफर ने मेरी पत्नी से कह दिया कि जब आप चुप रहती हैं तो एकदम राजकुमारी लगती हो।

एक दिन राजा ने इधर-उधर की बातें करने के बाद पूछा
की हर वक्त कौन चलता है ?
उत्तर में किसी ने सूर्य को बताया, किसी ने पृथ्वी को
तथा इसी तरह किसी ने चन्द्रमा आदि को बताया |
बादशाह ने जब बीरबल से पूछा तो उन्होंने उत्तर दिया की आलमपनाह !
क़र्ज़ का ब्याज (सूद) हर वक्त चलता है
इसे कभी थकावट महसूस नहीं होती, दिन दूनी रात चौगुनी वेग से चलता है
बादशाह उत्तर सुनकर प्रसन्न हो गए

“बीरबल ” बादशाह ने कहा,
“अगर बादशाहत हमेशा कायम रहती, यानी जो बादशाह होता,
वह सदैव ही शासन करता तो कैसा अच्छा होता ?”
“जहाँपनाह,” बीरबल ने नम्रतापूर्वक उत्तर दिया,
“आपका कहना बिलकुल उचित है लेकिन यदि ऐसा होता
तो भला सोचिये उस सूरत में
न आप बादशाह होते और न ही आपकी बादशाहत “

Akbar Aur Birbal Ke Chutkule

एक बार अकबर-बीरबल कुछ जरूरी बात कर रहे थे,

तभी बीरबल को छींक आ गई ,

अकबर ने कहा- बीरबल बहुत बड़े बेहूदे इंसान हो…

बीरबल- हुजूर, आपसे बड़ा कभी न हो सकूंगा

एक दिन बादशाह और बीरबल बैठे-बैठे गप्पे लड़ा रहे थे
बादशाह ने कहा, “बीरबल, तुम्हारी संस्कृत कैसी बेहूदी जबान है,
जिसमें शरीर के एक प्रधान अंग पैर को ‘पाद’ कहते हैं “
बीरबल ने तुरंत उत्तर दिया,” जहाँपनाह अपराध क्षमा हो
फ़ारसी तो इससे भी ज्यादा बेहूदी जबान लगती है,
उसमें हाथ जैसे उत्तम अंग को ‘दस्त’ कहते हैं “

अकबर– कल से नौकरी पर आ जाना

बीरबल पास पड़ी एक कुर्सी बैठ गए

अकबर– कुर्सी पर क्यों बैठ गया, तुम मेरे मिलाजिम हो

बीरबल– मुलाजिम तो कल बनूंगा मैंने सोचा आज कुर्सी पर बैठ लूं।

उस दिन अकबर बादशाह किसी ख़ास मसले पर बीरबल से बातें कर रहे थे
अचानक बीरबल के बहुत रोकने पर पर भी उनकी छींक निकल पड़ी
बादशाह ने कहा, “बीरबल तुम बड़े बेवक़ूफ़ हो “
बीरबल ने हौले से उत्तर दिया, “जी जहाँपनाह,
पर में आपसे बड़ा कभी न हो सकूंगा “

हमे आशा है की आपको यह Akbar Birbal Ke Chutkule in Hindi पोस्ट अच्छी लगी होगी, अगर अच्छी लगी है तो अपने दोस्तों को भी हसने का मौका दीजिए शेयर करके। धन्यवाद


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